हम सभी अपनी जिंदगी में कभी न कभी किसी शारीरिक परेशानी का सामना किये हुए हैं। आज हम खासतौर से एक ऐसी शारीरिक समस्या से आपको परिचित कराएंगे, जिसे हम रूमेटोइड आर्थराइटिस कहते हैं। यह एक ऐसी स्थिति है जिसकी वजह से जोड़ों में सूजन, दर्द के साथ अकड़न पैदा हो जाती है।


दुनिया में लाखों लोग इस समस्या से परेशान हैं क्योंकि इससे आपके जोड़ों की गति पर बुरा असर पड़ता है। इस ब्लॉग के माध्यम से क्योर माई नी (Cure My Knee ) आपको रूमेटोइड आर्थराइटिस (Rheumatoid Arthritis ) के बारे में जानकारी देंगे। साथ ही आप जानेंगे कि रूमेटोइड आर्थराइटिस से बचने के लिए हमें क्या करना चाहिए।


रूमेटाइड आर्थराइटिस - Rheumatoid Arthritis Symptoms in Hindi

रूमेटोइड आर्थराइटिस (Rheumatoid Arthritis in Hindi)

रूमेटोइड आर्थराइटिस एक आटोइम्युन डिस्ओर्डर (autoimmune disorder) है। ऐसी परिस्थिति तब होती है जब हमारा इम्यून सिस्टम (immune system) गलती से हमारे ही शरीर के टिशू पर हमला कर देता है। रूमेटोइड आर्थराइटिस के कारण हमारे जोड़ों के साथ-साथ शरीर के दूसरे अंगों, जैसे कि त्वचा, आंख, फेफड़े, दिल, और किडनी पर भी गलत असर पड़ता है।


यह समस्या शरीर के किसी भी जोड़ में दर्द व सूजन पैदा होने का कारण बन सकती है। ऐसा होने पर जोड़ों का मूवमेन्ट कम होने की संभावना बढ़ जाती है। रूमेटोइड आर्थराइटिस शरीर के दोनों तरफ के जोड़ों पर अपना असर डाल सकता है, जैसे कि दोनों घुटनों, कलाइयों या हाथों में।


रूमेटोइड आर्थराइटिस के लक्षण (Rheumatoid Arthritis Symptoms in Hindi)

रूमेटोइड आर्थराइटिस के लक्षण जोड़ों के दर्द से शुरू होता है। इसके अलावा कुछ लक्षण और होते है जैसे की -

  • जोड़ों में सूजन
  • जोड़ों में अकड़न
  • पीठ व मांसपेशियों में दर्द
  • जोड़ों का लाल होना
  • चलने फिरने में परेशानी होना
  • कमजोरी और थकान
  • हल्का बुखार
  • वजन कम होना
  • सीने में दर्द

आपका लक्षण समय के साथ गंभीर होता जाएगा। आप अपने लक्षण को कभी नज़र अंदाज न करें। रूमेटाइड अर्थराइटिस (Rheumatoid Arthritis) के शुरुआती लक्षणों को पहचाने और अपने ऑर्थोपेडिक (orthopedic) सर्जन को दिखाए।

रूमेटोइड आर्थराइटिस की जोखिम कारण (Rheumatoid Arthritis Risk Factors in Hindi)

  • लिंग – महिलाओं में रूमेटोइड आर्थराइटिस विकसित होने की संभावना दो से तीन गुना अधिक होती है।
  • परिवार के इतिहास – अगर आपके परिवार में किसी को रूमेटोइड आर्थराइटिस है, तो आपको इसके होने की संभावना अधिक हो सकती है।
  • धूम्रपान – अध्ययनों (research) से पता चलता है कि जो लोग सिगरेट पीते हैं उनमें रूमेटोइड आर्थराइटिस विकसित होने का खतरा बढ़ जाता है।
  • मोटापा – मोटापा होने से भी रूमेटोइड आर्थराइटिस विकसित होने का खतरा बढ़ सकता है।

रूमेटोइड आर्थराइटिस की जटिलताएं (Rheumatoid Arthritis Complications in Hindi)

रूमेटोइड आर्थराइटिस से हमारे शरीर के अन्य अंगों में भी परेशानी हो सकती है। आपका इम्यून सिस्टम जैसे आपके जोड़ों को दर्द देता है, वैसे ही आपकी आंखों, फेफड़ों, त्वचा, हृदय, रक्त वाहिकाओं और अन्य अंगों के लिए समस्या पैदा कर सकता है। हमारे शरीर में होने वाली जटिलताओं में शामिल है:


  • त्वचा पर प्रभाव

    आपको रूमेटोइड नोड्यूल्स (rheumatoid nodules) नामक गांठ (lumps) हो सकता है। वे आपकी त्वचा पर दिखाई देते हैं, विशेष रूप से कोहनी, फोरआर्म्स (forearm), एड़ी या उंगलियों पर। वे अचानक दिखाई दे सकते हैं या धीरे-धीरे बढ़ सकते हैं। नोड्यूल एक संकेत हो सकता है कि आपका रूमेटोइड आर्थराइटिस बढ़ रहा है। कते हैं। रूमेटोइड आर्थराइटिस से संबंधित अन्य प्रकार की त्वचा की समस्या भी प्रकट हो सकती हैं, इसलिए हमेशा अपने डॉक्टर को हर संकेत के बारे में जरूर बताएं।


  • आँखों पर प्रभाव

    रूमेटोइड आर्थराइटिस आपकी आंखों को कई तरह से प्रभावित कर सकता है। आंखों में सूजन, सूखापन, दर्द और आंख लाल हो सकती हैं। स्केलेराइटिस (Scleritis) आंख के सफेद भाग की सूजन होता है जो बहुत गंभीर होता है और इसकी वजह से द्रिष्टि हानि भी हो सकती है।


  • गर्दन में दर्द

    रूमेटोइड आर्थराइटिस को उंगलियों और कलाई के जोड़ों में दर्द का कारण माना जाता है। लेकिन यह आपके शरीर के अन्य हिस्सों, जैसे आपकी गर्दन को भी प्रभावित कर सकता है। अगर आपकी गर्दन में अकड़न महसूस होती है और सिर घुमाने पर दर्द होता है, तो शायद आपको रूमेटोइड आर्थराइटिस हो सकता है।


  • हृदय और रक्त वाहिका रोग

    सूजन से हृदय की मांसपेशियों और आसपास के क्षेत्रों में नुकसान पहुँचता है। रक्त वाहिकाओं की सूजन से नसों, त्वचा और अन्य अंगों को भी नुकसान हो सकता है।


    आपके दिल के चारों ओर मौजूद मेम्ब्रेन (membrane) में सूजन हो जाती है जिसे पेरिकार्डिटिस (Pericarditis) कहते हैं। जब रूमेटोइड आर्थराइटिस बढ़ जाता है तो यह ह्रदय के पास मौजूद मेम्ब्रेन को मोटा और सख्त बना देता है। जिसकी वजह से हृदय की काम करने की क्षमता कम हो जाती है।


    रूमेटोइड नोड्यूल (rheumatoid nodules) हृदय पर भी बन सकते हैं और हृदय के काम करने के तरीके को प्रभावित कर सकते हैं। रूमेटोइड आर्थराइटिस आपको हृदय रोग होने की अधिक संभावना बना सकता है। यह आपके स्ट्रोक (stroke) के जोखिम को भी बढ़ाता है।


  • रक्त रोग

    रूमेटोइड आर्थराइटिस या इसका इलाज करने वाली कुछ दवाएं आपके एनीमिया का कारण बन सकता है। एनीमिया एक ऐसी स्थिति है जिसमें आपके शरीर के टिश्यू तक पर्याप्त ऑक्सीजन ले जाने के लिए आपके पास पर्याप्त रेड ब्लड सेल्स (Red Blood Cells) नहीं होता है। एनीमिया के लक्षणों में शामिल हैं:


    • थकान
    • तेज़ या असमान दिल की धड़कन
    • सांस लेने में कठिनाई
    • चक्कर आना
    • सिर दर्द
    • कमज़ोरी
    • पैर में ऐंठन

    जब सूजन के कारण आपके शरीर में ज्यादा प्लेटलेट बनने लगता है तो इसके कारण स्ट्रोक, हार्ट अटैक, या क्लॉटिंग हो सकता है।


  • फेफड़ों की समस्या

    रूमेटोइड आर्थराइटिस आपके फेफड़ों में सूजन पैदा कर सकता है, जिससे सांस लेने में दर्द होता है और ऐसी स्थिति को हम प्लूरीटीस (pleuritis) कहते हैं। वे आम तौर पर हानिकारक नहीं होते हैं पर उनसे हमें कुछ दिक्कत हो सकती है जैसे की खांसी में खून या इन्फेक्शन (infection)


  • ऑस्टियोपोरोसिस (Osteoporosis)

    ऑस्टियोपोरोसिस आपकी हड्डियों को नाजुक और पतला बनाता है, इसलिए उनके टूटने की संभावना अधिक होती है। रूमेटोइड आर्थराइटिस वाले लोगों को इसके होने का खतरा अधिक होता है। यह रोग हड्डियों के नुकसान का कारण बन सकता है। ऑस्टियोपोरोसिस के लक्षणों में पीठ दर्द, झुकी हुई मुद्रा, एक घुमावदार ऊपरी पीठ और फ्रैक्चर (fracture) शामिल हैं।


आप अपने रूमेटोइड आर्थराइटिस का इलाज करने वाले डॉक्टर को रोग से सम्भधींत सभी परेशानियां बताइये और जल्द ही इलाज करवाइये। अपने रूमेटोइड आर्थराइटिस को नियंत्रित करने और आने वाली किसी भी नई समस्या का ध्यान रखने के लिए आपको विभिन्न डॉक्टरों और विभिन्न उपचारों की आवश्यकता हो सकती है। हमेशा अपने डॉक्टर से नए लक्षणों पर चर्चा करें।