Rheumatoid Arthritis in Hindi

क्योर माय नी (Cure My Knee) हर हड्डी रोग से संबंधित समस्या का इलाज करता है और सर्वोत्तम समाधान प्रदान करता है। आज हम इस ब्लॉग में जानेंगे की रूमेटोइड आर्थराइटिस (Rheumatoid Arthritis) क्या होता है, कैसे होता है और इसको कैसे पहचानते हैं।


Arthritis का मतलब है गठिया यानी कि जोड़ों में दर्द, सूजन और जकड़न रहना। गठिया (Arthritis) के सामान्य लक्षणों में जोड़ों में सूजन, दर्द, जकड़न और धीमी गति से चलना शामिल है। लक्षण हल्के से गंभीर तक भिन्न होते हैं और आते - जाते रहते हैं। आपके लक्षण समय के साथ बढ़ भी सकते हैं और गंभीर भी हो सकते है। गंभीर गठिया के परिणामस्वरूप कई दिक्कत और परेशानियां हो सकती हैं जैसे की पुराना दर्द हो सकता है, दैनिक गतिविधियों को करने में कठिनाई हो सकती है और सीढ़ियां चढ़ने में दर्द महसूस हो सकता है।


गठिया (Arthritis) 100 से अधिक प्रकार का होता है। सबसे आम प्रकारों में ऑस्टियोआर्थराइटिस (Osteoarthritis), रूमेटोइड आर्थराइटिस (Rheumatoid Arthritis), सोरियाटिक गठिया (Psoriatic Arthritis) फाइब्रोमाल्जिया (Fibromyalgia) और वात रोग (Gout) शामिल हैं।

रूमेटोइड आर्थराइटिस - What is Rheumatoid Arthritis in Hindi

रूमेटोइड आर्थराइटिस (Rheumatoid Arthritis) एक (auto-immune disease) ऑटोइम्यून बीमारी है जो आपके पूरे शरीर में जोड़ों के दर्द, सूजन और नुकसान का कारण बन सकती है। आम तौर पर इम्यून सिस्टम हमें कीटाणुओं से सुरक्षा देता है, पर रूमेटोइड आर्थराइटिस में हमारा इम्यून सिस्टम हमारे हेल्दी टिश्यू और जोड़ों को प्रभावित करता है।


रूमेटोइड आर्थराइटिस आम तौर पर कम उम्र में प्रभावित करता है 20 से 50 साल की उम्र में आमतौर पर देखा गया है और महिलाओं में पुरुषों के मुकाबले ज्यादा देखा जाता है लगभग 2 से 3 गुना ज्यादा देखा जाता है महिलाओं में पुरुषों के मुकाबले।


रूमेटोइड आर्थराइटिस से ग्रस्त व्यक्ति बताता है कि जोड़ों में दर्द है जकड़न है सूजन है वह बोलते हैं कि यह सुबहे के समय सबसे ज्यादा होती है और हाथों में सुबह खुलने बंद करने में काफी तकलीफ होती है जैसे जैसे दिन बीतता है यह ज्यादा खुल पाते हैं जकड़न कम हो जाती है इनके अलावा रूमेटोइड आर्थराइटिसमें कोनी कंधे घुटने पाव को प्रभावित करता है इन सब जगहों में सूजन, दर्द हो सकता है।


आर्थराइटिस फाउंडेशन (Arthritis Foundation) के अनुसार, यह लोगों में विकलांगता का प्रमुख कारण है और दुनियाभर में लगभग 54 Million लोग आर्थराइटिस के रोगी हैं। ये रोग 300,000 बच्चों को भी प्रभावित कर चूका है।


रूमेटाइड अर्थराइटिस एक सूजन संबंधित बीमारी है जिसमें न सिर्फ जोड़ों पर असर पड़ता है बल्कि शरीर के तंत्र, त्वचा, आंखों, लंग्स, दिल और खून पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है। रूमेटाइड अर्थराइटिस में जॉइन्ट्स का आकार बदलने लगता है, जिससे पैर व हाथ या उंगलियां टेढ़ी होने लगती हैं।

रूमेटोइड आर्थराइटिस के चरण - Rheumatoid Arthritis Stages in Hindi

रूमेटोइड आर्थराइटिस के चरण, X-Ray जांच करने पर पता चलते हैं। इसकी मदद से हम जान सकते हैं की हमारे जोड़ों में कार्टिलेज और सॉफ्ट टिश्यू कितनी नष्ट हो चुकी है। रहूमटोइड आर्थराइटिस के 4 चरण (stages) होते है -

  • स्टेज 1 -
    • X-Ray करने पर कोई नुकसान नहीं देखा जाता है।

    • हड्डी के पतले होने के केवल कुछ लक्षण ही मौजूद हो सकते हैंI

  • स्टेज 2 -
    • जोड़ों के आसपास, हड्डियों का पतला होना देखा जा सकता है।

    • हड्डी की थोड़ी क्षति भी देखी जाती है।

    • जोड़ों की गति या गतिशीलता कम हो जाती है।

    • जोड़ों के आसपास के सॉफ्ट टिश्यू में असामान्यताएं देखी जा सकती हैं।

  • स्टेज 3 -
    • X-Ray करने पर हड्डी का पतला होना और हड्डी की विकृति साफ देखी जा सकती है।

    • जोड़ों के आसपास के सॉफ्ट टिश्यू असामान्य हो जाते हैं।

    • सूजन से कार्टिलेज और हड्डियों के सिरे खराब होते दीखते है।

  • स्टेज 4 -
    • यह रूमेटोइड आर्थराइटिस का गंभीर चरण है जहां जोड़ पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो जाते हैं और काम करना बंद कर देते हैं।

    • रोगी को दर्द, सूजन, जकड़न और गति की कमी के साथ संघर्ष होता है।

    • जोड़ों के आसपास के कोमल टिश्यू असामान्य दिखाई देते हैं।

रूमेटोइड आर्थराइटिस के कारण - Rheumatoid Arthritis Causes in Hindi

  • एक स्वस्थ व्यक्ति में, इम्यून सिस्टम (immune system) बैक्टीरिया और वायरस से लड़ती है।

  • रूमेटोइड आर्थराइटिस जैसी ऑटोइम्यून बीमारी के साथ, इम्यून सिस्टम बैक्टीरिया समझ के अपने ही सेल्स पर हमला कर देता है।

  • इस कारण जोड़ों के आस पास हमें दर्द, सूजन और लाल दिखाई देता है जिससे जोड़ों को हिलना मुश्किल हो जाता है।

  • आर्थराइटिस फाउंडेशन (Arthritis Foundation) के अनुसार, रिसर्चर्स को यकीन नहीं है कि लोग रूमेटोइड आर्थराइटिस क्यों विकसित करते हैं।

  • उनका मानना ​​है कि इन व्यक्तियों में कुछ ऐसे जीनस (genes) हो सकते हैं जो पर्यावरण में एक ट्रिगर द्वारा सक्रिय होते हैं, जैसे कि वायरस या बैक्टीरिया, शारीरिक या मानसिक तनाव या कोई अन्य बाहरी कारण।

रूमेटोइड आर्थराइटिस के लक्षण - Rheumatoid Arthritis Symptoms in Hindi

शुरुआती चरणों में, रूमेटोइड आर्थराइटिस (Rheumatoid Arthritis) वाले लोगों को जोड़ों में सूजन दिखाई नहीं देता है, लेकिन उन्हें कोमलता और दर्द का अनुभव हो सकता है। रूमेटाइड अर्थराइटिस (Rheumatoid Arthritis) में जोड़ों के इलावा बाकी शरीर भी प्रभावित हो सकता है, इसमें फेफडे, हृदय, आदि भी प्रभावित हो सकते हैं |


इसके अलावा कुछ लक्षण और होते है, जैसे की:

Rheumatoid Arthritis Symptoms in Hindi
  • जोड़ों में सूजन:

    त्वचा के नीचे और जोड़ों के पास, रूमेटाइड नोड्यूल्स पाए जाते हैं जिसकी मदद से हमे सूजन का पता चलता है।

  • कमजोरी और थकान:

    किसी भी बीमारी का सबसे पहला संकेत है कमजोरी और थकान। रूमेटाइड अर्थराइटिस से हमारे जोड़ों में सूजन आता है और सूजन के बावजूद लोग अपना दिनचर्या का काम करते रहते है, यह वजह है की उन्हें थकान और कमजोरी महसूस होती है।

  • एक से अधिक जोड़ों में दर्द:

    जोड़ों में सूजन के कारण, हमारी नस फूल जाती है, जिसके कारण जोड़ों में दर्द का आभास होता है।

  • एक से अधिक जोड़ों में अकड़न:

    जोड़ों में पहला संकेत है की आपको रूमेटाइड अर्थराइटिस हो सकता है। ये खासतौर से छोटे जोड़ों में होती है, जैसे की उंगलियाँ। इसके अलावा ये बाकि जोड़ों में भी पाई जाती है जो लम्बे समय तक रहती है जिसके कारण जोड़ों में दर्द होता है।

  • हल्का बुखार:

    जोड़ों में लम्बे समय तक दर्द और सूजन के कारण, कई मरीज़ों को हल्का बुखार भी आ सकता है।

  • वजन कम होना:

    भूख कम लगने के कारण से कुछ लोगों में अचानक से वजन घटने लगता है।

  • जोड़ों का लाल होना:

    दर्द और सूजन के कारण, जोड़ों के नजदीकी हिस्सों में खून जमा हो जाता है जिसकी वजह से जोड़ों के आस -पास लाल हो जाता है।


आपका लक्षण समय के साथ गंभीर होता जाएगा। आप अपने लक्षण को कभी नज़र अंदाज़ न करें। रूमेटाइड अर्थराइटिस (Rheumatoid Arthritis) के शुरुआती लक्षणों को पहचाने और अपने (orthopedic) ऑर्थोपेडिक सर्जन को दिखाए।

रूमेटोइड आर्थराइटिस और ऑस्टिओआर्थरिटिस में अंतर - Rheumatoid Arthritis & Osteoarthritis Difference in Hindi

रूमेटोइड आर्थराइटिस की तरह, ऑस्टियोआर्थराइटिस वाले लोग भी दर्दनाक जोड़ों के दर्द का अनुभव कर सकते हैं जिसकी वजह से चलने फिरने में दिक्कत महसूस होती है। पर दोनों आर्थराइटिस में बहुत से अंतर होते है जैसे की -

  • ऑस्टियोआर्थराइटिस (Osteoarthritis) जोड़ों में मौजूद कार्टिलेज के घिसने के कारण होने वाला दर्द है जबकि रयूमेटाइड आर्थराइटिस (Rheumatoid Arthritis) एक ऑटोइम्यून बीमारी (auto-immune disease) है जो आपके पूरे शरीर में जोड़ों के दर्द, सूजन और नुकसान का कारण बन सकती है।

  • ऑस्टियोआर्थराइटिस (Osteoarthritis) ज्यादातर 50 साल के बाद होता है, परन्तु रयूमेटाइड आर्थराइटिस (Rheumatoid Arthritis) किसी भी उम्र में हो सकता है |

  • ऑस्टियोआर्थराइटिस (Osteoarthritis) इसमें केवल उसी जोड़ में दिक्कत होती है जिसको ओस्टियोआर्थराइटिस ने प्रभावित किया हो जबकि रयूमेटाइड आर्थराइटिस (Rheumatoid Arthritis) में जोड़ों के इलावा बाकी शरीर भी प्रभावित हो सकता है, इसमें फेफडे, हृदय, आदि भी प्रभावित हो सकते हैं |

  • ऑस्टियोआर्थराइटिस (Osteoarthritis) ज्यादा तर वेट बिअरिंग (weight-bearing) जोड़ों पर होता है जैसे की घुटने या कूल्हे, परन्तु रयूमेटाइड आर्थराइटिस (Rheumatoid Arthritis) की शुरुआत छोटे जोड़ों जैसे अँगुलियों के जोड़ या पैरों की अँगुलियों के जोड़ से होती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

रूमेटाइड अर्थराइटिस को गठिया रोग भी कहते हैं। इस बीमारी में रोगी को हड्डियों के जोड़ों में सूजन हो जाती है, और जोड़ों में दर्द होने लगता है।

हालांकि रूमेटाइड अर्थराइटिस (Rheumatoid Arthritis) का कोई इलाज नहीं है, पर कुछ उपचार और समर्थन (दवा, जीवनशैली में बदलाव, सहायक उपचार) इसके प्रभाव को कम किया जा सकता है।

रूमेटाइड अर्थराइटिस के मरीजों को व्हाइट आटा, व्हाइट चीनी, सैचुरेटेड और ट्रांस फैट से भरपूर फूड्से जैसे तले हुए खाद्य पदार्थ, रेड मीट, डेयरी, अंडों का सेवन नहीं करना चाहिए।

रूमेटाइड अर्थराइटिस एक ऐसी बीमारी है जो जोड़ों में दर्द, सूजन और जकड़न का कारण बनती है. एक्सपर्ट्स के अनुसार, यह एक ऑटोइम्यून डिजीज है जिसमें शरीर की इम्यूनिटी स्वस्थ कोशिकाओं को ही नुकसान पहुंचाना शुरू कर देती है।