क्योर माय नी (Cure My Knee ) हर हड्डी रोग से संबंधित समस्या का इलाज करता है और सर्वोत्तम समाधान प्रदान करता है। अगर आप जानना चाहते है की रूमेटोइड आर्थराइटिस को कैसे पहचानते है, और इसका इलाज संभव हो सकता है या नहीं, तो ये ब्लॉग पूरा पढ़िये।

रूमेटाइड आर्थराइटिस? रूमेटाइड आर्थराइटिस के लक्षण, कारण, इलाज

रूमेटोइड आर्थराइटिस - Rheumatoid Arthritis in Hindi

रूमेटोइड आर्थराइटिस (Rheumatoid Arthritis ) एक ऑटोइम्यून बीमारी (auto-immune disease) है जो आपके पूरे शरीर में जोड़ों के दर्द, सूजन और नुकसान का कारण बन सकती है। एक स्वस्थ व्यक्ति में, इम्यून सिस्टम (immune system) बैक्टीरिया और वायरस से लड़ती है पर रूमेटोइड आर्थराइटिस जैसी ऑटोइम्यून बीमारी के साथ, इम्यून सिस्टम बैक्टीरिया समझ के अपने ही सेल्स पर हमला कर देता है।


इस कारण जोड़ों के आस पास हमें दर्द, सूजन और लाल दिखाई देता है जिससे जोड़ों को हिलना मुश्किल हो जाता है। रूमेटोइड आर्थराइटिस (Rheumatoid Arthritis) में जोड़ों के इलावा बाकी शरीर भी प्रभावित हो सकता है, इसमें फेफडे, हृदय, आदि भी प्रभावित हो सकते हैं|


रूमेटोइड आर्थराइटिस के प्रकार - Rheumatoid Arthritis Types in Hindi

रूमेटोइड आर्थराइटिस (Rheumatoid Arthritis) के कई अलग-अलग प्रकार हैं। आपका डॉक्टर आपको सही इलाज देने के लिए पहले जांच करेगा की आपको किस प्रकार का रूमेटोइड आर्थराइटिस है।


रूमेटोइड आर्थराइटिस (Rheumatoid Arthritis) के प्रकारों में शामिल हैं:


  1. सेरोपोसिटिव रूमेटोइड आर्थराइटिस (Seropositive RA) - यदि आपको सेरोपोसिटिव रूमेटोइड आर्थराइटिस है, तो आपके पास निश्चित रूप से रूमेटोइड फैक्टर है जिसका मतलब है कि आपके पास एंटीबॉडी है जो आपके जोड़ों पर हमला करता है और सूजन का कारण बनता है।

  2. सेरोनिगेटिव रूमेटोइड आर्थराइटिस (Seronegative RA) -

    अगर आपका रूमेटोइड फैक्टर (RF Factor) का परिणाम नेगेटिव आया है पर फिर भी आपको आर्थराइटिस का लक्षण है तो आपको सेरोनिगेटिव रूमेटोइड आर्थराइटिस है। पर आप एंटीबॉडी विकसित कर सकते हैं जो अपने निदान को सेरोपोसिटिव रूमेटोइड आर्थराइटिस में बदल सकता है।


  3. जुवेनाइल इडियोपैथिक आर्थराइटिस (Juvenile Idiopathic Arthritis) -

    यह आर्थराइटिस 17 वर्ष और उससे कम उम्र के बच्चों में होता है। इस स्थिति को पहले जुवेनाइल रूमेटाइड अर्थराइटिस (JRA) के रूप में जाना जाता था। जुवेनाइल अर्थराइटिस के लक्षण अन्य प्रकार के आर्थराइटिस के जैसे ही होते है, लेकिन उनमें आंखों की सूजन और शारीरिक विकास भी रुक जाता है।


रूमेटोइड आर्थराइटिस का निदान - Rheumatoid Arthritis Diagnosis in Hindi

रूमेटोइड आर्थराइटिस का निदान करने में समय लग सकता है और आपका डॉक्टर आपकी जाँच करने के लिए कई तरह के टेस्ट् बता सकता है जिसकी मदद से रूमेटोइड आर्थराइटिस का पता लगाया जा सकता है। जितनी जल्दी हो सके अपना निदान करवाएं क्यूंकि रूमेटोइड आर्थराइटिस का निदान से ही आपकी अच्छी इलाज संभव है। आपका डॉक्टर कई टेस्ट और शारीरिक जाँच से रूमेटोइड आर्थराइटिस का पता लगा सकता है, जैसे की -


पेशेंट के पहले की बिमारियों की जाँच - डॉक्टर जोड़ों के लक्षणों (दर्द, कोमलता, जकड़न, चलने में कठिनाई) के बारे में पूछेंगे। आपका डॉक्टर आपको ये भी पूछ सकता है की आपकी बीमारी कब शुरू हुई, आपको कितना दर्द महसूस होता है, आपकी बीमारी कितने लम्बे समय से चल रही है और क्या परिवार के किसी अन्य सदस्य को ये बीमारी है या कोई ऑटो इम्यून बीमारी है।


शारीरिक जाँच - डॉक्टर जोड़ों की कोमलता, सूजन, दर्द या त्वचा के नीचे उभार या बुखार की तलाश करेंगे।


रक्त परीक्षण (Blood tests) -
रक्त परीक्षण से सूजन और रक्त प्रोटीन (एंटीबॉडी) की तलाश करते हैं जो रूमेटोइड आर्थराइटिस से जुड़े होते हैं:

  • ईएसआर और सीआरपी (ESR or CRP) के स्तर का पता लगाया जा सकता है। रूमेटोइड आर्थराइटिस के अन्य संकेतों के साथ शरीर में बढ़ा हुआ ईएसआर या सीआरपी निदान करने में मदद करता है।
  • रूमेटोइड फैक्टर (Rheumatoid Factor) एक एंटीबॉडी है जो रूमेटोइड आर्थराइटिस वाले लगभग 80 प्रतिशत लोगों में पाया जाता है।


इमेजिंग परीक्षण -
रूमेटोइड आर्थराइटिस से जोड़ के भीतर हड्डियों के सिरे घिस जाते हैं। एक एक्स-रे (X-Ray), अल्ट्रासाउंड (Ultrasound), या एमआरआई (MRI) से इन घिसे हुए जोड़ों का पता लगाया जा सकता है। लेकिन अगर वे पहले परीक्षणों में दिखाई नहीं देते हैं, तो इसका मतलब यह हो सकता है कि रूमेटोइड आर्थराइटिस पहले स्टेज में है और अभी तक हड्डी को नुकसान नहीं पहुंचा है।

रूमेटोइड आर्थराइटिस का इलाज - Rheumatoid Arthritis Treatment in Hindi

रूमेटोइड आर्थराइटिस का कोई इलाज नहीं है, लेकिन कुछ तरीकों से आप इसे बढ़ने से रोक सकते हैं। रूमेटोइड आर्थराइटिस का इलाज दर्द को रोकने के लिए और सूजन को नियंत्रण में रखने के लिए किया जाता है। सूजन को कम करने से जोड़ और अंग क्षति को रोकने में भी मदद मिल सकती है।


आपकी सेहत, स्थिति का कारण, लक्षण और गंभीरता को देखते हुए ही डॉक्टर आपका इलाज शुरू करेगा। अगर आप खुद में रूमेटोइड आर्थराइटिस का लक्षण देख रहे हैं या आप इस बीमारी से पीड़ित हैं तो जल्द से जल्द अपने नज़दीकी ऑर्थोपेडिक सर्जन या रूमटोलॉजिस्ट को दिखाएं और अपना इलाज करवाएं।


आपके उपचार में शामिल हो सकते हैं:

  • दवाएं
  • जीवन शैली में सुधार
  • पौष्टिक आहार सेवन
  • व्यायाम और योग


कई लोगों के लिए, ये उपचार उन्हें एक्टिव जीवन जीने में मदद करते हैं और जोखिम को कम करने में मदद करते हैं।


अगर आप के भी जोड़ों में सूजन और दर्द है या आप बहुत लम्बे समय से रूमेटोइड आर्थराइटिस से परेशान हैं, तो आप अपने ओर्थपेडीक सर्जन को जरूर दिखाएं। विलम्ब करने से आपकी दिक्कत और बढ़ेगी और आपका इलाज़ करने में भी मुश्किल आएगी।


रूमेटोइड आर्थराइटिस का निवारण - Rheumatoid Arthritis Prevention in Hindi

रूमेटोइड आर्थराइटिस के कुछ कारण हैं जिसे रोका नहीं जा सकता है क्योंकि ये एक ऑटो इम्यून बीमारी है, हालांकि, कुछ ऐसे कारण हैं जिन्हें आप अपने रूमेटोइड आर्थराइटिस को कम करने के लिए अपना सकते हैं।

  • धूम्रपान बंद करें -

    सेंटर ऑफ डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) के स्रोत (research) के अनुसार, धूम्रपान से रूमेटोइड आर्थराइटिस होने का खतरा और भी बढ़ जाता है। यह एकमात्र जोखिम का कारण है जो आपके नियंत्रण में है। धूम्रपान रूमेटोइड आर्थराइटिस के लक्षणों को और अधिक तेज़ी से आगे बढ़ा सकता है।

    यदि आप धूम्रपान करने वाले हैं, तो आज ही छोड़ दें। धूम्रपान छोड़ने से आपके जीवन में रूमेटोइड आर्थराइटिस होने की संभावना बहुत कम हो जाएगी।

  • अतिरिक्त वजन को कम करें -

    अधिक वजन वाले लोगों में रूमेटोइड आर्थराइटिस विकसित होने का खतरा अधिक होता है। मेयो क्लिनिक (Mayo Clinic) के अनुसार, जिन महिलाओं का 55 या उससे कम उम्र में रूमेटोइड आर्थराइटिस का निदान किया जाता है, वे ज्यादातर अधिक वजन की होती हैं। रूमेटोइड आर्थराइटिस प्राप्त करने के जोखिम को कम करने के लिए, स्वस्थ वजन बनाए रखें और उपयुक्त व्यायाम और योग करें।

  • पर्यावरण प्रदूषणों के संपर्क को सीमित करें -

    शोधकर्ताओं (researchers) ने पहचाना है कि जीवन में पहले कुछ पर्यावरण प्रदूषकों के संपर्क में आने से रूमेटोइड आर्थराइटिस जोखिम बढ़ सकता है। हालांकि आप हमेशा पर्यावरणीय परेशानियों के संपर्क से बचने में सक्षम नहीं हो सकते हैं पर कुछ तरीकों से आप इन्हें दूर रख सकते है।

  • जल्दी मदद प्राप्त करें -

    यदि आपको भी रूमेटोइड आर्थराइटिस के कोई लक्षण हैं, तो जितनी जल्दी हो सके डॉक्टर को दिखाएं। सेंटर ऑफ डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) के अनुसार, समय से इलाज कराने से रूमेटोइड आर्थराइटिस के साइड इफेक्ट्स होने की संभावना कम हो जाएगी। अगर आपका इलाज समय पर शुरू हो गया तो आपके हडियों और जोड़ों को हानि से बचाया जा सकता है। हमेशा ऑर्थोपेडिक या रुमेटोलॉजिस्ट के पास ही जाँच करवाएं।