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रूमेटोइड अर्थराइटिस से जुड़े भ्रम Myth & Fact in Hindi

रूमेटोइड अर्थराइटिस से जुड़े भ्रम Myth & Fact in Hindi


रूमेटोइड आर्थराइटिस (Rheumatoid Arthritis) एक ऑटोइम्यून बीमारी है जो हाथ, पैर, कलाई, कोहनी, और असामान्य रूप से घुटनों और टखनों (ankles) के छोटे जोड़ों को प्रभावित करती है, जिससे जोड़ों में सूजन, दर्द, और जॉइंट डेफोर्मिटी (joint deformity) होती है।


रूमेटोइड आर्थराइटिस (Rheumatoid Arthritis) कई अंगों और शरीर प्रणालियों को प्रभावित करता है, जैसे कि हृदय, फेफड़े, रक्त, या आंख। रूमेटोइड आर्थराइटिस से जुड़ी कई गलतफहमियां भी हैं। आइए कुछ ऐसे ही गलतफहमियों को दूर करते हैं और रियल फैक्ट्स जानते हैं।


मिथ (Myth ): रूमेटोइड आर्थराइटिस होना सिर्फ एक संकेत है कि आप बूढ़े हो रहे हैं।


फैक्ट (Fact): बिलकुल नहीं। रूमेटोइड आर्थराइटिस का उम्र बढ़ने से कोई संबंध नहीं है। रहूमटॉइड आर्थराइटिस किसी को भी हो सकता है चाहे बच्चा हो या बूढ़ा। हालांकि, पुरुषों की तुलना में महिलाओं में होने की संभावना दो से तीन गुना अधिक होती है। रहूमटॉइड आर्थराइटिस का कोई एक कारण या ट्रिगर नहीं है, लेकिन शोधकर्ताओं (researchers) का मानना ​​है यह एक ऑटोइम्यून बीमारी (auto-immune disease) है जो आपके पूरे शरीर में जोड़ों के दर्द, सूजन और नुकसान का कारण बन सकती है।

मिथ (Myth): रूमेटोइड आर्थराइटिस केवल आपके जोड़ों को प्रभावित करता है।

फैक्ट (Fact): अधिकतर, रूमेटोइड आर्थराइटिस के पहले लक्षण जोड़ों में दर्द और सूजन होते हैं। लेकिन एक बार आपकी स्थिति खराब होने के बाद, रूमेटोइड आर्थराइटिस आपके शरीर के अन्य हिस्सों को भी प्रभावित कर सकता है। सूजन आपके फेफड़ों, हृदय, आंखों और रक्त वाहिकाओं में फैल सकती है। रूमेटोइड आर्थराइटिस के साथ कई लोग एनीमिया (anemia) भी हो सकता है। शारीरिक प्रभाव के अलावा, रूमेटोइड आर्थराइटिस लोगों को भावनात्मक (emotionally) रूप से भी प्रभावित करता है।


मिथ (Myth): रूमेटोइड आर्थराइटिस अनुचित आहार और खराब भोजन खाने के कारण होता है।


फैक्ट (Fact): नहीं, शोधकर्ताओं (researchers) ने आहार के साथ-साथ कई बीमारियों की तलाश की है पर अभी तक कोई स्पष्ट परिणाम सामने नहीं आया है की रूमेटोइड आर्थराइटिस अनुचित आहार के कारण होता है। आर्थराइटिस का एक अलग रूप- गाउट (gout), आहार से प्रभावित होता है जो हमारे खून में यूरिक एसिड के स्तर को बढ़ाता है।


मिथ (Myth): रूमेटोइड आर्थराइटिस का कोई इलाज नहीं है, आपको बस इसके साथ जीना पड़ता है।


फैक्ट (Fact): रूमेटोइड आर्थराइटिस जैसी ऑटोइम्यून बीमारी के साथ रहना आसान नहीं है, लेकिन नई टेक्नोलॉजी और इलाजों की मदद से आप रूमेटोइड आर्थराइटिस के नुकसान को कम कर सकते हैं। उपचार, चिकित्सा और जीवनशैली में बदलाव से आपको मदद मिल सकती है।


मिथ (Myth): रूमेटोइड आर्थराइटिस के रोगी अपनी पसंद का कुछ भी नहीं खा सकते हैं।


फैक्ट (Fact): जीवनशैली में बदलाव आपको शुरू में उचित आहार खाने का पालन करना पड़ सकता है जैसे कि, कम चीनी, कम डेयरी, आदि का परहेज करना पड़ सकता है। एक बार रोग की प्रगति को नियंत्रित करने के बाद आप अपने डॉक्टर से पूछ के आहार दोबारा से शुरू कर सकते है।


रूमेटोइड आर्थराइटिस एक पुरानी बीमारी है जिसका अभी तक कोई इलाज नहीं मिल पाया है। परन्तु आप रूमेटोइड आर्थराइटिस से जुड़ी गलतफहमियों से बचें।


रोग का स्तर हर व्यक्ति में अलग होता है, और लक्षण हल्के से लेकर गंभीर तक हो सकते हैं। रूमेटोइड आर्थराइटिस के कारण होने वाली समस्याएं आमतौर पर समय के साथ और खराब होने लगती है। इसलिए जोड़ों के गंभीर नुकसान को कम करने में मदद करने के लिए शुरुआती उपचार बहुत महत्वपूर्ण होता है।


यदि आप किसी भी लक्षण का अनुभव कर रहे हैं या रूमेटोइड आर्थराइटिस के बारे में चिंतित हैं, तो अपने डॉक्टर से बात करें और अगर आपको लगता है कि आपका वर्तमान उपचार अब काम नहीं कर रहा है तो इसके बारे में अपने डॉक्टर को जरूर बताएं।


आपकी दवाओं से लेकर आपके जीवनशैली विकल्पों तक, ऐसी चीजें हैं जो आप को अभी बेहतर महसूस करने के लिए मदद कर सकती हैं।

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