Carpal Tunnel Syndrome in Hindi - आज हम इस ब्लॉग के माध्यम से जानेंगे की कार्पेल टनल सिंड्रोम क्या होता है और इसका निदान कैसे करते है।


क्या आपको अधिक समय तक टाइप करने से आपकी कलाइयों में दर्द महसूस होता है? क्या आपको रात में सोने के समय कलाइयों में तेज दर्द का आभास होता है? यह सब कुछ संकेत है की आपको कार्पेल टनल सिंड्रोम होने की सम्भावना हो सकती है।

Carpal Tunnel Syndrome in Hindi

कार्पेल टनल सिंड्रोम क्या होता है? – Carpal Tunnel Syndrome Meaning in Hindi

"कार्पेल" शब्द ग्रीक भाषा से लिया गया है। कार्पेल छोटी हड्डियों का एक समूह है जो कलाई को घेरे रहती है। यह कार्पेल के समूह के बीच से एक सुरंग जाती है जिसे हम कार्पेल टनल कहते हैं। यह टनल कुछ छोटी हड्डियों - कार्पेल और कुछ लिगामेंट्स से मिल कर बनी होती है। इस सुरंग से कई नस गुजरती है जिसमें से एक है मीडियन नर्व (median nerve)।


मीडियन नर्व (median nerve) हमारे अंगूठे और 3 उंगलियों से संदेश हमारे मस्तिष्क तक पहुंचाने में मदद करती है। कभी किसी कारण की वजह से हमारे कार्पेल टनल में यह नस दबने लगती है जिससे हमारे हाथ में तेज़ दर्द, झुनझुनी या सूजन हो जाती है। धीरे- धीरे यह मीडियन नर्व सूज जाती है, जिससे आपके हाथ और बांह में तेज दर्द और अकड़न महसूस होती है।

कार्पल टनल सिंड्रोम किस कारण से होती है? – Causes of Carpal Tunnel Syndrome in Hindi

आपकी कार्पल टनल में दर्द आपकी कलाई और मीडियन नर्व (median nerve) पर अधिक दबाव के कारण होता है। इस अधिक दबाव के कारण आपकी मीडियन नर्व (median nerve) में सूजन हो जाती है। यह कभी-कभी आपके रक्त के प्रवाह में बाधा भी उत्पन्न करती है। कार्पल टनल सिंड्रोम कुछ आम कारण से होता है, जैसे की -


  • ऑटोइम्यून विकार जैसे रूमेटोइड आर्थराइटिस
  • कलाई में फ्रैक्चर या चोट
  • मधुमेह
  • थायराइड रोग (hypothyroidism)
  • गर्भावस्था
  • हाई ब्लड प्रेशर

कलाई के अधिक उपयोग से भी सूजन हो सकती है। कलाइयों का अधिक उपयोग कई चीज़ों में किया जाता है। जैसे की:


  • लम्बे समय तक बाइक चलाना
  • कंप्यूटर पर कीबोर्ड का अधिक उपयोग
  • मोबाइल पर ज्यादा चैट (टाइपिंग) करना
  • पियानो बजाना

कार्पल टनल सिंड्रोम होने का खतरा किसे है? – Risk of Carpal Tunnel Syndrome in Hindi

कार्पेल टनल सिंड्रोम से जुडी कुछ जोखिम कारक हैं। जैसे की –


  • लिंग: पुरुषों की तुलना में महिलाओं में कार्पल टनल सिंड्रोम होने की संभावना तीन गुना अधिक होती है।
  • आयु: कार्पल टनल सिंड्रोम अकसर 30 और 60 की उम्र में ज्यादा देखा जाती है।
  • हार्मोनल चेंज: महिलाओं में गर्भावस्था के दौरान हार्मोनल परिवर्तन से भी कार्पेल टनल सिंड्रोम होने की संभावना ज्यादा रहती है।
  • वजन: अधिक वजन वाले लोगों को ये बीमारी होने की ज्यादा सम्भावना होती है।
  • व्यवसाय: फैक्ट्री वर्कर, कसाई, नाई, संगीतकार, वाहन चालक, टाइपिस्ट, कॅशियर, इत्यादि लोगों में कार्पेल टनल सिंड्रोम होने का खतरा ज्यादा होता है।
  • आदतें: जीवनशैली कारक जो कार्पल टनल सिंड्रोम के जोखिम को बढ़ा सकते हैं उनमें धूम्रपान, उच्च नमक का सेवन, और गतिहीन जीवन शैली शामिल हैं।

कार्पल टनल सिंड्रोम के लक्षण क्या हैं? – Symptoms of Carpal Tunnel Syndrome in Hindi

मीडियन नर्व पर दबाव के कारण लक्षण में आमतौर पर सूजन ही पाई जाती है। लेकिन इसके कारण कई अन्य लक्षण भी पाए जा सकते है, जैसे की –


  • मीडियन नर्व में दर्द, सुन्न पन, चुभन होना
  • रात में कलाई का दर्द जो नींद में बाधा डालता है
  • हाथ की मांसपेशियों में कमजोरी
  • आपके हाथ के अंगूठे और पहली तीन अंगुलियां में दर्द और जलन
  • कभी-कभी कोहनी के आगे वाले भाग और कलाई में तेज दर्द हो सकता है।
  • आपका हाथ बार-बार "सो" सकता है और वस्तुओं को गिरा सकता है।

अगर आपको भी इनमें से कुछ लक्षण महसूस हो रहे हैं तो आपको तुरंत अपने नजदीकी डॉक्टर को दिखा के अपना इलाज करवा लेना चाहिए। क्योर माय नी (Cure My Knee) हर हड्डी रोग से संबंधित समस्या का इलाज करता है और सर्वोत्तम समाधान प्रदान करता है।

कार्पल टनल सिंड्रोम का निदान कैसे किया जाता है? – Diagnosis of Carpal Tunnel Syndrome in Hindi

डॉक्टर आपके इतिहास, एक शारीरिक परीक्षण और नर्व कंडक्शन स्टडी (nerve conduction study) परीक्षणों का उपयोग करके कार्पल टनल सिंड्रोम का निदान कर सकते हैं।


शारीरिक परीक्षा में आपके हाथ, कलाई, कंधे और गर्दन की जांच की जा सकता है। दर्द, सूजन, और किसी भी विकृति के लक्षणों के लिए आपका डॉक्टर आपकी कलाई को देखेगा। वे उंगलियों की सेंसेशन और आपके हाथ की मांसपेशियों की ताकत की भी जांच करेंगे।


नर्व कंडक्शन स्टडी परीक्षण से आपके नर्व की चालन गति को माप सकते हैं। यदि नर्व इंपल्स सामान्य से धीमा है, तो आपको कार्पल टनल सिंड्रोम हो सकता है।

कार्पल टनल सिंड्रोम का इलाज कैसे किया जाता है? – Treatment of Carpal Tunnel Syndrome in Hindi

कार्पल टनल सिंड्रोम का इलाज इस बात पर निर्भर करता है कि आपका दर्द और लक्षण कितने गंभीर हैं और आपको कितनी कमजोरी है। आपका लक्षण समय के साथ गंभीर होता जाएगा। आप अपने लक्षण को कभी नज़र अंदाज़ न करें।


2008 में, एकेडमी ऑफ ऑर्थोपेडिक सर्जन (Academy of Orthopedic Surgeon) ने कार्पल टनल के प्रभावी उपचार के लिए दिशानिर्देश जारी किए जिसमें यह बोला गया की यदि संभव हो तो सर्जरी के बिना कार्पल टनल का इलाज करने का प्रयास करने की कोशिश की जानी चाहिए।


नॉनसर्जिकल (non-surgical) विकल्पों में शामिल हैं:

  • स्प्लिंट्स: कई मरीजों को रात में सोने से पहले कलाई को सहारा देने के लिए ब्रेसेस और स्प्लिन्ट्स पहने का सुझाव दिया जाता है।
  • फिजिओथेरपी और व्यायाम: मरीजों में जब कार्पेल टनल का निदान होता है तो उन्हें डॉक्टर द्वारा कुछ व्यायाम करने की सलाह दी जाती है। जिसमें हाथों को और कलाइयों का व्यायाम बताया जाता है जिससे कलाई के दर्द को कम किया जा सके। इसके अलावा आपको फिजियोथेरेपी की सलाह भी दी जा सकती है जिससे आपकी नसों के आस पास की मांसपेशियों को आराम मिलता है और सूजन कम होती है।
  • इंजेक्शन और दवाएं: दवाओं और इंजेक्शन से आपके दर्द को कम किया जा सकता है पर डॉक्टर लम्बे समय तक दवा लेने का सुझाव नहीं देते है।

    यदि आपकी मीडियन नर्व का इलाज नॉन सर्जिकल तरीके से नहीं हो पा रहा है और मीडियन नर्व को गंभीर क्षति हो तो सर्जरी की आवश्यकता हो सकती है।

  • सर्जरी: के माध्यम से आपके कार्पेल के बीच में जगह बनाई जाती है जिससे मीडियन नर्व को अधिक स्थान मिल जाता है। सर्जरी का परिणाम आमतौर पर अच्छा होता है और इससे कार्पेल टनल सिंड्रोम होने की संभावना बहुत कम हो जाती है।

कार्पल टनल सिंड्रोम को कैसे रोकें? - Prevention of Carpal Tunnel Syndrome in Hindi

आप जीवनशैली में बदलाव करके कार्पल टनल सिंड्रोम को रोक सकते हैं जो इसे विकसित करने के लिए आपके जोखिम कारकों को कम करता है जैसे की आप अपने वजन को नियंत्रण में रख सकते है।


मधुमेह, हाई ब्लड प्रेशर और गठिया जैसी स्थितियों का इलाज करने से कार्पल टनल सिंड्रोम विकसित होने का खतरा कम हो जाता है।


लक्षणों को कम करने के लिए हाथों की मुद्रा पर सावधानीपूर्वक ध्यान दे और ऐसी गतिविधियों से बचे जो आपकी कलाई मोड़ सकता है या उन पर अधिक दबाव डाल सकता है।


आप भी अपना निदान करवाए क्योर माई नी (Cure My Knee) के जरिये और कार्पेल टनल सिंड्रोम से होने वाले दर्द से तुरंत आज़ादी पाएं।

कार्पल टनल सिंड्रोम से जुड़े अकसर पूछे जाने वाले प्रशन - FAQ's Related to Carpal Tunnel Syndrome in Hindi

कार्पल टनल सिंड्रोम की सर्जरी में कितना खर्च आता है?

आमतौर पर सर्जरी का खर्चा अस्पताल और स्थिति की गंभीरता पर निर्भर करता है। कार्पेल टनल सिंड्रोम का खर्चा लगभग 40,000 से 60,000 तक आता है।

क्या कार्पल टनल का इलाज बिना सर्जरी के हो सकता है?

हाँ, कार्पेल टनल का इलाज बिना सर्जरी के संभव है। फिजियोथेरेपी, व्यायाम, दवाइयां और कुछ अन्य तरीको से इसका इलाज किया जा सकता है।

कार्पेल टनल के तीन सबसे आम लक्षण क्या है?

सबसे आम लक्षणों में शामिल है:

  • हाथ में दर्द, सुन्न पन, चुभन होना
  • आपके हाथ के अंगूठे और पहली तीन अंगुलियां में दर्द और जलन
  • हाथ की मांसपेशियों में कमजोरी
कार्पेल टनल सिंड्रोम होने के बाद क्या करें?

कार्पेल टनल सिंड्रोम होने के बाद जल्द से जल्द अपने नजदीकी ऑर्थोपेडिक डॉक्टर को दिखाएं और अपना इलाज करवाएं और उनकी सलाह ले कर कुछ व्यायाम और फिजियोथेरेपी भी ले सकते है ताकि आपका दर्द और सूजन कम हो सके।